आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 3 अप्रैल,नगर में राजा निषादराज जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। गुरुवार, 3 अप्रैल की शाम नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख चौराहों से होकर गुजरी। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए और उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु डीजे, ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते नजर आए। भगवान निषादराज की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। नगर के हर गली-मोहल्ले में भगवान निषादराज की आरती और पूजन किया गया, जिससे संपूर्ण नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
इस आयोजन में केवट समुदाय के पुरुषों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रामायण के अनुसार, निषादराज गुह्य प्रभु श्रीराम के परम मित्र थे। वनवास के दौरान उन्होंने श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने में सहायता की थी। उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने हेतु नगरवासियों ने यह भव्य आयोजन किया।
नगर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई। शोभायात्रा के समापन पर भगवान निषादराज की महाआरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस आयोजन में नगरवासियों की सहभागिता देखने लायक रही।
शोभायात्रा के उपरांत डैम घाट में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके बाद जबलपुर से आए कलाकारों ने श्री राम और निषादराज संवाद का मनमोहक मंचन किया, जिसे देख दर्शक रोमांचित हो उठे। कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस भव्य आयोजन ने नगर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल उत्पन्न कर दिया और नगरवासियों ने पूरे उत्साह के साथ इस पर्व को मनाया।