राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शनिवार 29 मार्च,आदिवासी बाहुल्य जिले में ऐसी कोई योजना नहीं जो भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ी हो ऐसे में महिलाओं को समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर जिले में चल रहे स्वसहायता समूह के संचालक भला इससे कैसे अछूते रह सकते हैं ऐसा ही मामला है जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां समूहों का जिले में संचालन करने वाले जिम्मेदारों ने अपने फायदे के लिए समूह की महिलाओं को ही बैंक का कर्जदार बना दिया
समूह की महिलाओं की आमदनी तो नहीं बढ़ी पर जिम्मेदारों के ठाठ देखते ही बनते हैं समूह की महिलाओं से प्राप्त जानकारी मुताबिक इनके स्वसहायता समूह को वर्ष 2011 _ 12 में दोना पत्तल बनाने की मशीन संघ मित्र के द्वारा दी गई थी जिसकी कीमत लभभग डेढ़ लाख रुपए थी समूह की महिलाओं ने दोना पत्तल का निर्माण कर आमदनी कमाने के मकसद से मशीन लिया था लेकिन संघ मित्र के द्वारा ऐसी मशीन पूजा तेजस्विनी समूह कसईसोढ़ा की महिलाओं को दी गई जो दो दिनों में ही खराब हो गई जिसे संघ मित्र ने बनवा कर पुनः समूह को दे दिया लेकिन उक्त मशीन फिर भी न चल सकी और कबाड़ में पड़ी दुर्दशा का शिकार हो गई समूह द्वारा संघ मित्र से मशीन आधी कीमत वापस करने को अनेकों बार कहा पर संघ मित्र द्वारा दोयम दर्जे की मशीन वापस नहीं की गई जिसके परिणाम स्वरूप महिलाओं का समूह बैंक के कर्ज तले दबता चला गया तब से अब तक पूजा तेजस्विनी स्वसहायता समूह की महिलाएं हर महीने ब्याज सहित मशीन की कीमत अदा कर रही हैं